भारत के 10 दर्शनीय स्थल

भारत के 10 दर्शनीय स्थल , ten tourist places in India

दर्शनीय स्थल क्या होता है

दर्शनीय स्थल एक ऐसा स्थान होता है जिसे पर्यटक या यात्री संदर्भ में देखने के लिए जाते हैं। ये स्थल सामाजिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, प्राकृतिक, धार्मिक या पर्यावरणीय महत्व के होते हैं और अक्सर उनमें कोई विशेष रूप संरक्षित किया जाता है। ये स्थल दुनिया भर में विभिन्न आकर्षकता के साथ होते हैं, जैसे विश्व धरोहर स्थल, मंदिर, मकबरे, प्राचीन शहर, जंगल, पर्वत, झील, आदि। दर्शनीय स्थल पर्यटन का एक मुख्य स्रोत होते हैं और अक्सर विभिन्न देशों के बीच व्यक्तिगत और सांस्कृतिक अद्यतन का माध्यम भी बनते हैं।


भारत के 10 दर्शनीय स्थल


1• ताजमहल



ताजमहल भारत का एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, जो आगरा शहर में स्थित है। यह विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त है और इसे दुनिया के सबसे सुंदर भवनों में से एक के रूप में जाना जाता है। ताजमहल का निर्माण मुग़ल सम्राट शाहजहाँ ने अपनी पत्नी मुमताज़ महल की याद में कराया था। इसका निर्माण 1632 ईसवी में पूरा हुआ था।


ताजमहल एक विशालकाय मकबरा है, जो सफेद मार्बल से निर्मित है। इसकी आकृति अत्यंत समरूपी है और इसकी सुंदरता को देखते ही लोगों का मन मोह जाता है। ताजमहल का मुख्य भवन मुग़ल वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें भारतीय, पर्सियन और इस्लामी शैलियों के प्रभाव को मिलाया गया है।


ताजमहल के अतिरिक्त, इसमें एक बड़ा बाग़ (बगीचा) है जो मकबरे के आसपास फैला हुआ है। बाग़ के मध्य में एक लघु नहर है, जो ताजमहल का आभासिक प्रतिबिम्बन करता है।


ताजमहल का दर्शन करने के लिए, दर्शकों को एक विशेष टिकट खरीदना होता है, और यह रोजाना सुबह से शाम तक खुला रहता है। ताजमहल की सुंदरता को देखने के लिए लोग पूरे विश्वभर से आते हैं, और इसे भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों का प्रिय स्थल बनाते हैं।


2• गोल्डन तेम्पल



गोल्डन तेम्पल, जिसे हरमंदिर साहिब भी कहा जाता है, भारत के पंजाब राज्य के अमृतसर शहर में स्थित है। यह सिख धर्म का प्रमुख धार्मिक स्थल है और सिख समुदाय का सर्वोच्च धार्मिक केंद्र माना जाता है।

गोल्डन तेम्पल का निर्माण 16वीं शताब्दी में सिख गुरु अर्जुन देव जी द्वारा किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य सामाजिक समरसता, धर्मिक समता, और मानवता की सेवा करना है।

गोल्डन तेम्पल की विशेषता यह है कि इसके सभी चारों द्वारों के चारों ओर से सीधे प्रवेश होता है, जो धार्मिक समता को संकेतित करता है।

मंदिर के सारे भवन और स्त्रोत सोने के रंग के पत्थरों से बनाए गए हैं, जिससे यह 'गोल्डन' नाम प्राप्त करता है। मंदिर के स्थल पर स्थित एक नहर (सरोवर) को 'अमृत सरोवर' कहा जाता है, जो शांति और पवित्रता का प्रतीक है।

गोल्डन तेम्पल में प्रतिदिन कई हजार लोग भोजन और आवास की सुविधा का लाभ उठाते हैं, जो लांगर के रूप में जाना जाता है। यहां पर सभी धर्मों के लोगों को स्वागत किया जाता है और समानता की भावना को प्रमोट किया जाता है।


3• खजुराहो के मंदिर 




खजुराहो के मंदिर भारत के मध्य प्रदेश राज्य में स्थित हैं और ये विश्व धरोहर स्थलों में से एक हैं। ये मंदिर उत्कृष्ट वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध हैं, जो उनके शिल्पकला, कलात्मकता, और अनूठे तांत्रिक रूप के लिए प्रशंसित होते हैं।

खजुराहो के मंदिर मुख्य रूप से हिन्दू और जैन धर्म के मंदिरों से मिलकर बने हैं। ये मंदिर मुख्य रूप से चंदेल राजवंश के क्षेत्रीय राजाओं द्वारा 10वीं और 11वीं सदी में बनाए गए थे।

खजुराहो के मंदिरों की सुंदरता में वे शिल्पकला का प्रयोग, समाधान, और उनकी अद्वितीय स्थलीय पत्थरों के साथ उनकी विस्तृतता शामिल हैं। इन मंदिरों में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक कथाएं और कथाएं भी उक्त हैं, जो भारतीय संस्कृति और इतिहास का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

खजुराहो के मंदिरों का सबसे प्रसिद्ध मंदिर खजुराहो का मुख्य मंदिर (केदारनाथ मंदिर) है, जो भगवान शिव को समर्पित है। इसके अलावा, खजुराहो में अन्य प्रमुख मंदिरों में खंडरिया महादेव मंदिर, लक्षमण मंदिर, विश्वनाथ मंदिर, और देवी जगदम्बा मंदिर शामिल हैं।

खजुराहो के मंदिर विश्व धरोहर स्थलों के रूप में मान्यता प्राप्त हैं और वे संसार भर के पर्यटकों के लिए एक आकर्षण स्थल हैं। इन मंदिरों की सजीव शिल्पकला और धार्मिक महत्व ने उन्हें एक अद्वितीय स्थान दिया है।

4• वाराणसी के घाट 




वाराणसी के घाट भारतीय संस्कृति और धार्मिक परंपराओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं और वे वाराणसी के शहर को अद्वितीय और प्रसिद्ध बनाते हैं। ये घाट गंगा नदी के किनारे स्थित हैं और धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों का केंद्र हैं।

वाराणसी में कुल 87 घाट हैं, जिनमें से प्रमुख घाटों में अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट, मनिकर्णिका घाट, डशाश्वमेध घाट, अशी घाट, दशाश्वमेध घाट, और असी घाट शामिल हैं।

वाराणसी के घाटों पर अद्वितीय समुद्री जीवन और सांस्कृतिक गतिविधियाँ होती हैं। लोग यहां आकर स्नान करते हैं, पूजा करते हैं और पिंडदान करते हैं। सुबह और शाम को अर्घ्य देने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक भी आते हैं।

वाराणसी के घाटों पर विभिन्न धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन होते हैं, जैसे संध्या आरती, गंगा महोत्सव, और सांस्कृतिक कार्यक्रम। इन आयोजनों में स्थानीय और बाहरी पर्यटक समाहित होते हैं और गंगा के तट पर धार्मिक और आध्यात्मिक अनुभव का आनंद लेते हैं।

वाराणसी के घाटों पर विश्वास किया जाता है कि गंगा नदी के पावन जल से स्नान करने से मनुष्य के पाप धुल जाते हैं और उसकी आत्मा को शुद्धि मिलती है। इसलिए, लोग यहां धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लेने के लिए आते हैं और अपने आप को पवित्र स्थान में अनुभव करते हैं।



5• हमायूं का मकबरा




हमायूं का मकबरा भारत के दिल्ली शहर में स्थित है और यह भारतीय वास्तुकला का उत्कृष्ट उदाहरण है। यह मकबरा मुग़ल सम्राट हुमायूं के याद में बनाया गया था, जिनकी मृत्यु सन् 1556 में हुई थी।

हमायूं का मकबरा अपनी शानदार वास्तुकला और आकर्षक बाग़बानी के लिए प्रसिद्ध है। इसकी आर्किटेक्चरल शैली ने बाद में निर्मित ताजमहल को प्रेरित किया था। मकबरे का मुख्य भवन एक उच्च बनावटी संरचना है, जिसे आकार में चारमुखी प्यारोलिड है।

मकबरे के चारों ओर एक बड़ा बाग़बानी बाग़ है, जिसमें विभिन्न प्रकार के पौधे, फूल और फव्वारे हैं। यहां की बाग़बानी को बहुत ही सुंदरता से डिज़ाइन किया गया है, जो दर्शकों का मन मोह लेती है।

हमायूं का मकबरा भारतीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है, और यह दिल्ली के इतिहास और संस्कृति के महत्वपूर्ण प्रतीक में से एक है। यहां के आभूषणों और भवनों की शानदारता और उनकी अद्वितीय वास्तुकला ने इसे एक अद्वितीय स्थान बना दिया है।

6• जम्मू कश्मीर के डाल झील



जम्मू और कश्मीर राज्य में स्थित डाल झील एक प्राकृतिक सौंदर्य स्थल है जो पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। यह झील कश्मीर के दल झील उपनगर में स्थित है, और इसका नाम डाल ग्रास या रैडियांग ग्रास से प्राप्त हुआ है।

डाल झील विशाल, हरित और प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। यह झील कश्मीर के प्राकृतिक वातावरण का एक हिस्सा है और इसे पर्यटन, जल खेल, और शांति के लिए प्रसिद्ध किया जाता है।

डाल झील के चारों ओर प्राकृतिक सौंदर्य से भरी पहाड़ियों की चादर है, जो इसे एक प्राकृतिक रोमांचक स्थल बनाती है। झील के किनारे घूमने के लिए तटीय सड़कें हैं और यहां पर पर्यटक अपने आनंद का लुफ्त उठा सकते हैं।

डाल झील अपने अद्वितीय प्राकृतिक सौंदर्य, शांति, और जल खेल के लिए जाना जाता है। यहां पर प्राकृतिक स्थलों के आसपास ट्रेकिंग, बाइकिंग, और बोटिंग का आनंद लिया जा सकता है। इसका वातावरण शांतिपूर्णता और प्राकृतिक खूबसूरती की अनुभूति कराता है और यहां का दृश्य दिल को बहुत अच्छा लगता है।

7• अंडमान और निकोबार द्वीप




अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, भारत के बायोग्राफिक विभाग के तहत एक संघीय राज्य हैं। ये द्वीप समूह भारतीय महासागर में स्थित हैं और उत्तर से दक्षिण तक लगभग 1,200 किलोमीटर क्षेत्रफल में फैले हुए हैं। इनमें कुल 572 द्वीप हैं, जिनमें से 37 अंडमान और 20 निकोबार प्रमुख द्वीप हैं। ये द्वीप समूह अपूर्व प्राकृतिक सौंदर्य, अद्वितीय वन्यजीवन, और अन्य सांस्कृतिक धरोहरों के लिए प्रसिद्ध हैं। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारतीय राज्य का एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल भी हैं, जहां विभिन्न प्राकृतिक और पर्यटन के गतिविधियों का आनंद लिया जा सकता है

8 • राजस्थान का जयपुर



राजस्थान की राजधानी जयपुर भारत के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में स्थित है। यह एक प्राचीन और ऐतिहासिक शहर है जो अपने महलों, किलों, और विविध रंगों के लिए प्रसिद्ध है। जयपुर को "गुलाबी नगरी" या "रंगीला शहर" के रूप में भी जाना जाता है, क्योंकि यहां के इतिहासिक भवनों का अधिकांश गुलाबी रंग में रंगा गया है।

जयपुर में कई प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थल हैं, जिनमें हवा महल, अम्बर किला, जल महल, जयपुर के पांच वन्दन, जल महल, और नहरगढ़ किला शामिल हैं। अम्बर किले की सुंदरता, हवा महल की वास्तुकला, और जल महल का प्राकृतिक सौंदर्य अप्रतिम हैं।

जयपुर भी एक विपुल बाजार क्षेत्र है, जहां आपको विभिन्न आइटम्स और स्थानीय शिल्प-कला का विविध विचार मिलता है। यहां के बाजारों में जौहरी बाजार, बापू बाजार, और जोहरी बाजार शामिल हैं जो पर्यटकों को अपने शॉपिंग का आनंद देते हैं।

जयपुर अपने समृद्ध ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध है और यहां का शानदार राजस्थानी संस्कृति, भोजन और आदर्शों का भी परिचय देता है।

9• गोवा के बीच




गोवा भारत का एक राज्य है जो आरब सागर के किनारे स्थित है। यह भारत का सबसे छोटा राज्य है, लेकिन इसकी सुंदरता, सांस्कृतिक विविधता, और पारंपरिक महौल के लिए विख्यात है। गोवा का शोभायमान समुद्र तट, सुंदर समुद्री खाड़ियाँ, और आत्मीय वातावरण लोगों को आकर्षित करता है।

गोवा के बीच के क्षेत्र में बेतिमा और अगोंडा बीच शामिल हैं, जो आरामदायक समुद्री अनुभव प्रदान करते हैं। यहां पर आप समुद्री उपवास का आनंद ले सकते हैं, समुद्र तट पर चल सकते हैं, या सिर्फ समुद्र की लहरों का आनंद ले सकते हैं।

गोवा के बीच क्षेत्र में विभिन्न सार्वजनिक और निजी रिसॉर्ट्स हैं जो लोगों को एक शांत, आरामदायक और लक्जरी समुद्र तटीय अनुभव प्रदान करते हैं। यहां आपको विभिन्न सुविधाएं, खासतौर पर स्पा, स्विमिंग पूल, रेस्तरां, और बार मिलेंगे जिनसे आपका अनुभव और भी अधिक अनमोल हो जाएगा।

गोवा के बीच क्षेत्र में आपको छुट्टी के लिए एक आधुनिक और शांत समुद्री अनुभव मिलेगा, जो आपको स्थानीय संस्कृति, भोजन, और रंगीन जीवनशैली का भी अनुभव करने का मौका देता है।

10• महाबलीपुरम के शोर टेम्पल



महाबलीपुरम, तमिलनाडु राज्य के पस्चिमी किनारे पर स्थित एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, जो अपने प्राचीन शैली के विश्वसनीय मंदिरों के लिए प्रसिद्ध है। शोर टेम्पल इनमें से एक है।

शोर टेम्पल, जिसे प्रकट रूप में "एकशाष्टिलिंगम्" के रूप में जाना जाता है, शैलेंद्र स्थापति द्वारा 7वीं शताब्दी में निर्मित किया गया था। यह भगवान शिव को समर्पित है और महाबलीपुरम के चार प्रमुख टेम्पलों में से एक है, जो भारतीय वास्तुकला के उत्कृष्ट उदाहरणों में से एक है।

यह टेम्पल बसालतल मंदिर की एक प्रमुख नमूना है, जिसमें भगवान शिव के विभिन्न रूपों की मूर्तियाँ स्थापित हैं। इसकी विशेषता यह है कि इसमें शिव के एक हजार नामों के एक श्रृंगारित संस्करण की मूर्ति है। शोर टेम्पल का मुख्य गोपुरम और वास्तुकला का अद्वितीय डिज़ाइन इसे एक अत्यधिक आकर्षक स्थल बनाते हैं।

शोर टेम्पल के आस-पास एक प्राकृतिक और शांत माहौल है, जो पर्यटकों को ध्यान में लाने के लिए पर्याप्त है। यहां पर पर्यटक आध्यात्मिक और सांस्कृतिक अनुभव का आनंद लेते हैं, साथ ही स्थानीय कला और शिल्प की विविधता को भी अनुभव करते हैं।

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