विधानसभा में नितिन नवीन का भव्य स्वागत: 'बिहार को मिल रहा नेशनल सम्मान'
बांकीपुर से विधायक और भारतीय जनता पार्टी के नवनियुक्त नेशनल प्रेसिडेंट नितिन नवीन के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद पहली बार जब वे बिहार विधानसभा (Assembly) पहुंचे, तो पूरा सदन 'भारत माता की जय' के नारों से गूंज उठा। NDA विधायकों ने खड़े होकर और जोरदार तालियां बजाकर उनका स्वागत किया। इस मौके पर नितिन नवीन ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सराहना करते हुए कहा कि बिहार के नेताओं को अब राष्ट्रीय स्तर पर जो सम्मान मिल रहा है, वह प्रदेश के बढ़ते राजनैतिक कद का प्रमाण है।
सदन में भारी हंगामा: राबड़ी देवी और कई MLC सदन से सस्पेंड
बिहार विधान परिषद (Legislative Council) में आज स्थिति काफी तनावपूर्ण रही। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के खिलाफ की गई कथित आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर विपक्षी दल लगातार विरोध कर रहे थे। हंगामे के चलते सदन की कार्यवाही बाधित हुई, जिसके बाद कड़ा फैसला लेते हुए राबड़ी देवी, सुनील सिंह और अन्य कई MLC को सत्र से सस्पेंड कर दिया गया। स्थिति इतनी बिगड़ी कि मार्शलों को बुलाकर सस्पेंडेड सदस्यों को सदन से बाहर निकालना पड़ा। इस घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला और उनकी कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पटना की सड़कों पर महिलाओं का आक्रोश: सुरक्षा को लेकर जोरदार प्रदर्शन
राजधानी पटना में आज कानून-व्यवस्था और महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर भारी विरोध प्रदर्शन देखा गया। सैकड़ों की संख्या में महिलाओं और लेफ्ट-विंग एक्टिविस्ट्स ने सड़क पर उतरकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। डाक बंगला चौराहे पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तीखी झड़प भी हुई। विपक्षी दलों ने आरोप लगाया है कि राज्य में यौन हिंसा और रेप के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्वास्थ्य मिशन: फाइलेरिया मुक्त बिहार के लिए 18 दिनों का महा-अभियान
जन-स्वास्थ्य की दिशा में बिहार सरकार ने आज एक निर्णायक कदम उठाया है। राज्य भर में लिम्फेटिक फाइलेरिया के खिलाफ 18 दिवसीय सामूहिक दवा वितरण अभियान की शुरुआत की गई। स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने वर्चुअल माध्यम से इसका उद्घाटन किया। इस अभियान के तहत लगभग 89.7 मिलियन लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है। 11 फरवरी को आयोजित 'मेगा कैंप' में अकेले एक दिन में 10 मिलियन लोगों तक पहुँचने का लक्ष्य रखा गया था, ताकि इस गंभीर बीमारी को जड़ से खत्म किया जा सके।
शिक्षा विभाग की सख्ती: कस्तूरबा गांधी स्कूलों के स्टाफ को अल्टीमेटम
राज्य शिक्षा परियोजना निदेशक ने कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (KGBV) के लिए एक कड़ा आदेश जारी किया है। पटना में होने वाले यूनियन के विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए विभाग ने निर्देश दिया है कि 11 फरवरी को सभी स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहने वाले कर्मचारियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी और उनकी नौकरी भी जा सकती है। विभाग का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी प्रदर्शन की वजह से छात्राओं की पढ़ाई और स्कूलों के अनुशासन पर असर न पड़े।
